Superfoods ऐसे खाने योग्य पदार्थ होते हैं जिनमें उच्च गुणवत्ता वाले पोषक तत्व बहुत अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं और जो हमारे स्वास्थ्य को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहुत अधिक फायदा पहुंचाते हैं। इस प्रकार के खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से विटामिन्स, खनिज तत्व, एंटीऑक्सिडेंट्स, और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
इस प्रकार के Superfoods को हम अपने आहार का हिस्सा बनाकर अपनी इम्यूनिटी सिस्टम, ऊर्जा के स्तर, और सर्वांग स्वास्थ्य को आश्चर्यजनक रूप से बेहतर बना सकते हैं। आज के इस लेख में ऐसे ही कुछ प्रभावशाली 15 सुपरफूड्स की जानकारी उनमें उपलब्ध पोषक तत्वों सहित जानेंगे और इसके साथ ही इनके लाभों के बारे में विस्तार से समझेंगे।
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1. ब्लूबेरी (Blueberry)
Blueberry North America का एक पर्णपाती जीनस वैक्सीनियम के अंतर्गत सायनोकोकस वर्ग का करीब 6 से 12 फिट ऊंचा झाड़ींदार बारहमासी फूल और फल देने वाला पौधा है। इसके फल पर्पल रंग लिए हुए काले रंग के होते हैं, जिनको Blueberry के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा इसे कंई अलग अलग नामों से भी जाना जाता है, जैसे- बिलबैरी, ब्लाबेर इत्यादि। अमेरिकन हाईबश ब्लुबैरी को सबसे उत्तम किस्म का माना गया है।
Blueberry के लाभ और अन्य जानकारी
ब्लूबेरी में पाया जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट इसे एक बहुमूल्य खाद्य पदार्थ बनाता है। एंटीऑक्सिडेंटस के अलावा इस फल में अन्य पोषक तत्व जैसे विटामिन सी, विटामिन के, और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं।

ब्लूबेरी के अंदर एंथोसायनिन नाम का एक पिगमेंट होता है जो इस फल को नीले रंग का बनाता है और यही पिगमेंट ब्लुबेरी में अनोखे एंटीऑक्सिडेंट के गुण को उत्पन्न करता है।
ब्लुबेरी के यही एंटीऑक्सिडेंट गुण मनुष्य के हृदय रोग, कैंसर, और मस्तिष्क संबंधी बिमारियों के जोखिम को बहुत हद तक कम करने में मदद करते है। इस फल के नियमित सेवन से स्मरण शक्ति में अच्छा सुधार होता है और संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली बेहतर तरीके से काम करती है।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए हितकारी: ब्लूबेरी को मनुष्य के हेल्दी हार्ट के लिए बहुत लाभकारी माना गया है। इसके फल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स हमारे हाई ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करते हैं और शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं, जिससे हमारे शरीर में हृदय रोगों का खतरा काफी कम हो जाता है।
- कैंसर से बचाव में सहायक: ब्लूबेरी में मौजूद एंथोसायनिन और कुछ अन्य एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकते हैं। American institute for cancer research के कुछ शोध बताते हैं कि Blueberry में मौजूद फाइटोकेमिकल्स कैंसर रोधी प्रभाव दिखाते हैं। ये मुख्यतः कोलोरेक्टल कैंसर, स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को बहुत कम करने में सहायता करता है। AICR के शोध बताते हैं कि Blueberry के फल में मौजूद सुरक्षात्मक योगिक कैंसर से बचाव के साथ-साथ दिमाग, आंखों, और हार्ट के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। हालांकि इस विषय पर अभी ओर अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।
- मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए उत्तम: ब्लूबेरी का सेवन मस्तिष्क स्वास्थ्य को सुधारने में भी मदद करता है। एक शोध में पाया गया है की ब्लुबेरी के सेवन से मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है जिससे अधिक मात्रा में आक्सीजन ब्रेन तक जाती है। इसके अलावा इसके सेवन से याददाश्त में भी सुधार देखा गया है। इसमें मौजूद पोषक तत्व न्यूरॉनल कनेक्शन को बढ़ावा देते हैं, जिससे स्मृति और संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार होता है। शोध में बुजुर्गों की तुलना में बच्चों पर इसके ज्यादा अच्छे परिणाम प्राप्त हुए। जिन बच्चों को प्रतिदिन 30 ग्राम ब्लुबेरी का पौउडर दिया गया उन्होंने अन्य बच्चों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। खासकर संज्ञानात्मक लाभ देखने को मिले। हालांकि इस विषय पर अभी भी ओर अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है, ताकि निर्णायक परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
- एक अन्य शोध: अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक अन्य शोध लेख बताता है की जब 65 से 80 साल के 61 लोगों के 2 समुहों में से एक को 12 सप्ताह तक डेली 26 ग्राम फ्रिज की हुई ब्लुबेरी खिलाई गई और दुसरे समूह को मिलान प्लेसिबो दिया गया। 12 सप्ताह बाद चोंकाने वाले परिणाम प्राप्त हुए। जिस समूह को ब्लुबेरी खिलाई गई थी, उनकी याददाश्त में सुधार देखा गया और उनके रक्तचाप में भी बहुत सुधार देखने को मिला। हृदय जोखिम भी काफी कम हो गया था, जिससे दिर्घायु होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
- इसमें मौजूदमुख्य पोषक तत्व और फाइटोकेमिकल्स: कैरोटीनॉयड, Polyphenols, Phytosterols, इनके अलावा ब्लूबेरी में मुख्य रूप से विटामिन सी, फाइबर, क्लोरोजेनिक एसिड, फलेवोन, टैनिन इत्यादि भी प्रचूर मात्रा में होता है।
2. चिया सीड्स (Chia seeds)
चिया सीड्स साल्विया हिस्पानिका मेक्सिकन टकसाल प्रजाति के खाने योग्य फूल वाले पौधे के सीड्स होते हैं। सफेद और काले धब्बेदार और अंडाकार के ये सीड्स ओवरऑल हेल्थ के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं।
चिया सीड्स के लाभ और जानकारी
चिया सीड्स बहुत सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं इनमें फाइबर, प्रोटीन,ओमेगा-3 फैटी एसिड, एन्टिओक्सिडेंटस, पॉलीफेनोल और अनेक बहुमूल्य विटामिन के साथ साथ कैल्शियम और अन्य मिनरल्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं।

ये सीड्स हमारी ब्रेन हेल्थ, हार्ट हेल्थ को इम्प्रूव करते हैं। ये हमारे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में हेल्प करते हैं, इसके साथ ये ब्लड शुगर के लेवल को भी स्थिर रखते हैं। चिया सीड्स में प्रचूर मात्रा में फाइबर होने की वजह से ये हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन वजन कम करने और नियंत्रित करने के लिए बहुत ही कारगर उपाय है।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी: चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य महत्वपूर्ण घटक हृदय स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं। इन सीड्स के सेवन को लेकर किये गए एक शोध फूड साइंस एंड न्यूट्रीशन volume 11 / issue 1 से स्पष्ट होता है कि ये सीड्स प्लेटलेट्स को इम्प्रूव करने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं। ये सीड्स हमारे शरीर में हृदय से संबंधित रोगों के जोखिम को बहुत हद तक कम कर देते हैं। हमारी रोगरोधी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और हमारे शरीर में शूगर लेवल और रक्तचाप को भी नियंत्रित करने में सहायता करते हैं।
- वजन प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम उपाय: चिया सीड्स के सेवन से वजन कम करने में बहुत मदद मिलती है, क्योंकि इनमें मौजूद फाइबर की उच्च मात्रा पेट को भरा हुआ महसूस कराती है, जिससे हमारे पेट में लम्बे समय तक संतुष्टि बनी रहती है, और भूख कम लगती है। इस वजह से वजन घटाने और नियंत्रित करने में बहुत मदद मिलती है।
- पाचन तंत्र के लिए हितकारी:फाइबर से भरपूर चिया सीड्स हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, जिससे कब्ज की समस्या से निजात मिलती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और पॉलीफेनोल हमारे पाचन तंत्र के अग्नाशय की कोशिकाओं को सूजन से बचाते हैं। इन सीड्स में मौजूद घटक लीवर को भी स्वस्थ रखते हैं।
- चिया सीड्स में पाए जाने वाले प्रमुख घटक: इन सीड्स में प्रचूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, एन्टिओक्सिडेंटस, पॉलीफेनोल, ओमेगा फैटी 3 एसिड और कैल्शियम मौजूद होते हैं। जो हमारी ओवरऑल हेल्थ को इम्प्रूव करते हैं।
3. क्विनोआ (Quinoa) सीड्स:
यह मुख्यतः दक्षिण अमेरिका में पाया जाने वाला बेशकीमती पौधा है, जिसके बीज बहुत ही पोष्टिक होते हैं। करीब 5000 सालों से इसकी खेती अमेरिका में की जा रही है। यह कंई प्रकार के काले, पीले, लाल और सफेद रंगों में उपलब्ध है। करीब 120 प्रकार की किस्म के Quinoa seeds दुनिया भर में मिलते हैं।

इसके लाभ और विस्तृत जानकारी
Quinoa प्रोटीन का एक संपूर्ण स्रोत है। स्वस्थ शरीर के लिए इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड इसमें पाए जाते हैं। फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों में आजकल यह बहुत पसंद किया जा रहा है। यह उच्च गुणवत्ता वाले विटामिन, प्रोटीन, वसा, और फाइबर और बायोएक्टिव यौगिकों एक बेहतरीन स्रोत है।
हाल ही के एक शोध में पाया गया है कि इसमें पाए जाने वाले बायोएक्टिव यौगिक शरीर में मौजूद Short-chain fatty acids (SCFA) के उत्पादन को बहुत हद तक प्रभावित कर सकते हैं। जो हमारी आंतों के स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार है। इसमें पाया जाने वाला सैपोनिन मेटाबॉलिज्म को सुधारता है।
Quinoa फाइबर से भरपूर और ग्लूटेन-फ्री खाद्य पदार्थ है। इसका यह गुण इसे एक बेहतरीन किस्म का अनाज बनाता है। सभी जानते हैं कि ग्लूटेन-फ्री अनाज पाचनतंत्र को स्वस्थ रखता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल्स आंतों और लीवर को सूजन से बचाता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम, विटामिन बी, आयरन और एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं जो हमारी हार्ट हेल्थ, पाचनतंत्र और मांसपेशी के विकास के लिए बहुत लाभकारी होते हैं।
- एक संपूर्ण प्रोटीन स्रोत: Quinoa में वो सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं, जो इसे प्रोटीन का एक संपूर्ण स्रोत बनाते हैं। प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है। यही कारण है की स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नई पीढ़ी में यह अनाज बहुत लोकप्रिय हो रहा है।
- आयरन और मैग्नीशियम के फायदे: इसमें आयरन और मैग्नीशियम की भी उच्च मात्रा में मौजूद होते हैं। इसी कारण इसके सेवन के उपरांत शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। इन दोनों पोषक तत्वों से हड्डियों को भी मजबूती मिलती है।
- इसमें पाए जाने वाले मुख्य पोषक तत्व: Quinoa सीड्स में मुख्य रूप से प्रोटीन , आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन बी, पॉलीफेनॉल्स, एन्टिओक्सिडेंटस, प्रीबायोटिक्स इत्यादि महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं, जो ओवरऑल हेल्थ को इम्प्रूव करने में सक्षम होते हैं।
4. केल (kale)
केल बहुत ही पोष्टिक गोभी के जैसी परन्तु गहरा हरा रंग लिए हुए एक पत्तेदार सब्जी होती है। यह एन्टिओक्सिडेंटस और कंई पौष्टिक तत्वों से से भरपूर सब्जी है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होती है। यह कैंसर जैसी कुछ अन्य बिमारियों के खतरे को कम करने में सहायक है।
इसके लाभ और विस्तृत जानकारी
केल में प्रचूर मात्रा में विटामिन ए, सी, और के मिलते हैं। यह एन्टिओक्सिडेंटस का भी एक अच्छा स्रोत है। इसमें कैल्शियम, फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसमे मौजूद घटक हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं, और अनेक कष्टकारी रोगों से हमारा बचाव करते हैं।

केल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स हमारे शरीर को मुक्त कणों से बचाते हैं, बढ़ती उम्र की बिमारियों के प्रभाव को कम करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर और हृदय रोगके जोखिमों को बहुत हद तक कम कर देते हैं। इसमें मौजूद फाइबर की प्रचूर मात्रा हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ और मजबूत बनाती है और वजन को नियंत्रित करती है। इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम हडि्डयों को मजबूत बनाता है।
- शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन: केल का सेवन हमारे शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में बहुत मदद करता है। इस सब्जी में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स हमारे शरीर के अंदर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में बहुत सहायता करते हैं। इसके एन्टिओक्सिडेंटस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
- कैंसर से बचाव: केल में मौजूद ग्लूकोसिनोलेट्स नामक यौगिक कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकने में सहायक होते हैं। AICR के एक शोध से पता चलता है कि इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल शरीर को कैंसर से बचाने में मदद करते हैं। यस गुर्दे के कैंसर और स्तन कैंसर के जोख़िम को भी कम कर देते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन स्वास्थ्य जीवन व दिर्घायु प्राप्त करने में सहायता करते हैं। एक मजेदार बात यह है कि ब्लूबेरी में पाया जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट एंथोसायनिन ( पॉलीफेनॉल) केल में भी कुछ मात्रा में पाया जाता है जो केल को भी बैंगनी और लाल रंग का बना देता है।
- केल में पाए जाने वाले पोषक तत्व: इस सब्जी में बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनके सेवन से कैंसर जैसी अनेक बिमारियों से बचाव होता है। ये पोषक तत्व हैं जैसे- कैल्शियम, नाइट्रेट्स, कैरोटीनायड, फाइटोन्यूट्रिएंट्स, एंथोसायनिन पॉलीफेनॉल इत्यादि।
5. एवोकाडो (Avocado)
सबसे ज्यादा पसन्द किया जाने वाला एवोकाडो हैस एवोकाडो है, जो कि बहुत ही पौष्टिक माना जाता है। फाइटोकेमिकल्स एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर यह फल हेल्थ के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। इसकी सबसे अच्छी किस्म हैस एवाकाडो है जोकि सबसे पहले रूडोल्फ हास द्वारा दक्षिणी कैलिफोर्निया में उगाया गया था। रूडोल्फ हास के नाम पर ही इस किस्म का नाम हास एवाकाडो पड़ा है। फाइटोकेमिकल्स के अलावा भी यह अन्य पौषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इजराइल में उगाया जाने वाली हास एवाकाडो सबसे उत्तम माना जाता है।

इसके लाभ और विस्तृत जानकारी
इस फल के सेवन से हमारा लिपिड प्रोफाइल बहुत जल्दी इम्प्रूव होता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है की एवोकाडो हार्ट हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके लगातार सेवन से बढ़ती उम्र का प्रभाव भी कम हो जाता है।
इसमें पाए जाने वाले स्वस्थ मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स हमारे कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करते हैं और हृदय रोगों के जोखिम को काफी कम कर देते हैं। एवोकाडो में मौजूद फाइबर की अधिक मात्रा हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है और हमारे बढ़ते वजन नियंत्रित करने में मदद करती है।
- इसमें मौजूद होते हैं गुड फैट्स: एवोकाडो में उत्तम क्वालिटी के मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स मौजूद होते हैं, जिनके सेवन से हमारा कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है। इस फल का आहार में उचित मात्रा में उपयोग हमारी हार्ट हेल्थ को सुधारता है। इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स और एन्टिओक्सिडेंटस हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी इम्प्रूव करते हैं।
- इसमें मौजूद होता है उच्च मात्रा में पोटैशियम: एवोकाडो में पोटैशियम बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है। पोटेशियम शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है। इस फल में मौजूद पोटेशियम रक्तचाप जैसी समस्या के लिए रामबाण औषधि का काम करता है। यह फल मांसपेशियों से संबंधित परेशानियों को भी कम करता है।
- Avocado में मौजूद विटामिन E के फायदे: एवोकाडो में प्रचूर मात्रा में विटामिन ई और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो हमारी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके पल्प को चेहरे पर लगाने से यह त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है और निखारता भी है। यही कारण है की सभी सेलिब्रेटी हास एवाकाडो का सेवन खूब करते हैं।
- एवोकाडो में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व: इस फल में फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सिडेंटस, फाइबर, मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स, पोटैशियम, और विटामिन ई प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर के लिए बड़े ही गुणकारी होते हैं। यह फल हमारे अंदरूनी और बाहरी शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है।
6. हल्दी (Turmeric)
हल्दी का उपयोग भारत सहित पुरे एशिया में सदियों से मसाले और औषधि के रूप में हो रहा है। अदरक की भांति ही हल्दी के पौधे के प्रकंद का उपयोग हल्दी के रूप में किया जाता है। आपको बता दूं कि इसका चमकदार पीला रंग इसमें पाए जाने वाले कर्क्यूमिन के कारण होता है।

लेटिन भाषा में इसे करकुमा लोंगा और करकुमा एरोमेटिका के नाम से भी जाना जाता है। औषधि के रूप में इसका प्रयोग त्वचा संबंधी समस्या में किया जाता है, खांसी और जुखाम की रोकथाम के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह भारतीय आयुर्विज्ञान में उपयोग की जाने वाली प्रमुख जड़ी बूटियों में से एक है।
हल्दी के लाभ और संबंधित विस्तृत जानकारी
हल्दी में पाया जाने वाला तत्व करक्यूमिन नामक यौगिक होता है जो इसे एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट्स गुणों वाला खाद्य पदार्थ बनाता है। भारत में हल्दी का उपयोग ओषधि के अलावा अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी ही पवित्रता के साथ किया जाता है। हल्दी एक ऐसा पदार्थ है जो भारत के हर रसोई घर में जरूर मिलता है चाहे कोई गरीब हो या अमीर।
भारत सहित संपूर्ण एशिया में हल्दी का उपयोग हजारों सालों से आयुर्वेदिक चिकित्सा में होता आ रहा है। ओषधि के रूप में यह जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक है। यह शरीर की सूजन को कम करने में सहायक है। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकता है, और कैंसर के जोखिमों को कम करने में भी मदद करता है।
हल्दी का नियमित सेवन हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है और हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर करता है। NCCIH हल्दी पर अपने अनुसंधानों के माध्यम से मानव हड्डियों पर इसके प्रभाव को जानने का प्रयास कर रहा है। हालांकि वह इसके अलावा अन्य फायदों का समर्थन करता है।
- हल्दी में होता है एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण: हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन और एंटी-इंफलेमेंटरी गुण शरीर की सूजन को कम करने में बहुत मदद करता है। यह आर्थराइटिस जैसी अन्य जोड़ों से संबंधित बिमारियों और सूजन से संबंधित बीमारियों में अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण राहत प्रदान करता है।
- मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली: हल्दी में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व और एंटिओक्सिडेंटस होते हैं। इसके नियमित सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है। हल्दी के अधिक उपयोग से संक्रमणों से बचाव करना आसान हो जाता है।
- हल्दी में पाए जाने वाले पोषक तत्व: एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व, करक्यूमिन, एन्टिओक्सिडेंटस मुख्य रूप से हल्दी में पाए जाते हैं, जो पाचनतंत्र, स्किन और कैंसर की समस्याओं के निदान में बहुत लाभदायक है।
7. गोजी बेरी (Goji Berry)
गोजी बेरी लाइसियम बारबरम एल. (सोलानेसी) जिसे वोल्फबेरी, बार्बरी वोल्फबेरी, और चाइना में गौकिजी (बॉक्सथॉर्न) के नाम से जाना जाता है। इस फल को चाइनीज लोग ओषधि के रूप में सदियों से उपयोग कर रहे हैं। कंई यूरेएशियन गर्म जलवायु वाले देशों में इसे उगाया जाता है।

इस फल में मौजूद फाइटोकेमिकल्स और एन्टिओक्सिडेंटस इसे superfoods की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देते हैं। यही कारण है की दुनिया भर में हेल्थ के प्रति जागरूक लोगों में गोजी बेरी के सेवन का प्रचलन बढ़ा है। सामान्य रूप से लोग इसे अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाकर इसके औषधीय गुणों का लाभ ले रहे हैं।
विस्तृत जानकारी के साथ गोजी बेरी के लाभ:
गोजी बेरी में विटामिनस, फाइटोकेमिकल्स, और एंटीऑक्सिडेंट्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। इस फल की दो किस्मों (लिसियम बारबरम और लिसियम चिनेंस) की एन्टिओक्सिडेंटस संरचना को जानने हेतु शोध किया तो लिसियम बारबरम प्रजाति की गोजी बेरी में अधिक एन्टिओक्सिडेंटस पाए गए। यह शोध1एंटीऑक्सीडेंट्स के मामले में सीधा सीधा लिसियम बारबरम को बेहतर फल साबित करता है।
एक अन्य शोध2 में पता चला की गोजी बेरी का उपयोग छांव में सुखाकर किया जा सकता है सुखाने से इसकी फाइटोकेमिकल्स संरचना पर अधिक असर नही पड़ता है। इस फल का उपयोग ऊर्जा स्तर को बढ़ाने, अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और आंखों की सेहत को बेहतर बनाने में भी मदद करता है। गोजी बेरी एंटी-एजिंग गुणों से बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करती है। इसके सेवन से त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है।
- ऊर्जा स्तर में सुधार: गोजी बेरी का सेवन हमारे ऊर्जा स्तर को बढ़ाता है और इसके अलावा हमारी शारीरिक सहनशक्ति को भी सुधारता है।
- आंखों की सेहत: गोजी बेरी में मौजूद विटामिन ए की उच्च मात्रा हमारी दृष्टि को सुधारती है और हमारे आंखों के रोगों के जोखिम को भी काफी कम करती है।
- एंटी-एजिंग गुण: गोजी बेरी एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होने के कारण हमारी त्वचा को स्वस्थ और जवान बनाए रखने में बहुत मदद करती है। यह बढ़ती उम्र के कारण त्वचा की झुर्रियों को भी कम करती है और हमारी त्वचा को चमकदार बनाती है।
- गोजी बेरी में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व: इस फ्रूट में फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सिडेंटस, विटामिन ए, सी, सर्करा, और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
8. सैल्मन मछली (Salmon Fish)
इस मछली की अनेकों प्रजातियां हैं, जिनमें कुछ एक जंगली हैं तो कुछ को खेती द्वारा पैदा किया जाता है। दोनों के उपर किए गए शोध से से खेती द्वारा पैदा की गई साल्मन में अधिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं जैसे की ओमेगा फैटी 3 एसिड।

समूद्री मछली की तुलना में खेती वाली में पारे की मात्रा बहुत कम होती है। हालांकि की सभी साल्मन मछलियों में पारे की मात्रा मानकों के हिसाब से कम ही होती है। अलास्का जंगली सॉकी सैल्मन, न्यूजीलैंड किंग सैल्मन, अटलांटिक सैल्मन, इन मछलियों की कुछ प्रसिद्ध प्रजातियां हैं जो आम तौर पर बड़ी फिसल मार्केट में मिल जाती हैं।
सैल्मन खाने के लाभ और विस्तृत जानकारी
सैल्मन मछली मुख्य रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत बड़ा स्रोत है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, विटामिन बी12,बी6 और विटामिन डी भी प्रचूर मात्रा में मौजूद होते हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों में इसका सेवन बहुत प्रचलित है।
सैल्मन हेल्दी हार्ट और ब्रेन के लिए अमृत तुल्य है। इसमे मौजूद उत्तम क्वालिटी का ओमेगा फैटी 3 एसिड दिल के लिए बहुत फायदे पहुंचाता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड अंदरूनी सूजन को कम करता है, और हृदय से संबंधित रोगों के जोखिम को भी कम करता है।
- मस्तिष्क स्वास्थ्य सुधार:सैल्मन का सेवन मस्तिष्क संबंधित समस्याओं के निदान हेतु बेहतर तरीके से काम करता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन बी6 मस्तिष्क हेल्थ को इम्प्रूव करते हैं। संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं।
- हड्डियों को मजबूत बनाता है इसका सेवन: सैल्मन में विटामिन बी12 और डी उच्च मात्रा में मौजूद होते हैं, जो हमारी हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और हमारे इम्यून सिस्टम में भी सुधार करते हैं।
- सैल्मन में मुख्य रूप से पाए जाने वाले पोषक तत्व: इस मछली में मुख्य रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी6 और बी12, एंटीऑक्सीडेंट्स इसे superfoods की कैटेगरी में लाते हैं।
9. ग्रीन टी (Green Tea)
ग्रीन टी (कैमेलिया साइनेंसिस) का इतिहास बड़ा ही पुराना है। सबसे पहले एक पेय के रूप में इसका प्रयोग चाइना में किया जाता था। फिर जापान से होते हुए यह पूरी दुनिया में फैले चुकी है। चीन में इसका उपयोग औषधि के रूप में शुरू हुआ था। स्वास्थ्य के लिए यह बहुत लाभकारी मानी जाती है।

ग्रीन टी के लाभ और विस्तृत जानकारी
ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं। कुछ शोध3 में पाया गया है कि इसका सेवन कैंसर जैसी बिमारी से हमारी रक्षा करता है, खासकर स्तन कैंसर की कोशिकाओं को यह 30% तक कम कर देती है। जो शरीर को कई लाभ प्रदान करते हैं। इसका यही गुण इसे superfoods बनाता है।
ग्रीन टी का सेवन हमारे मेटाबोलिज्म को इम्प्रूव करता है और हमारे बढ़ते वजन को नियंत्रित करता है। इसके सेवन से शरीर डिटॉक्सिफाई होता है। इसमें मौजूद कैटेचिन एंटीऑक्सीडेंट्स के रूप में कैंसर, हृदय रोग, और मधुमेह के जोखिम को बहुत हद तक कम करता है। ग्रीन टी का नियमित सेवन मानसिक सक्रियता को भी इम्प्रूव करता है और हमारे ऊर्जा के स्तर को बढ़ा देता है।
- मजबूत मेटाबोलिज्म सिस्टम: ग्रीन टी का सेवन से मेटाबोलिज्म सिस्टम को मजबूती मिलती है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ग्रीन टी के सेवन से भूख कम लगती है जिससे शरीर की अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है, और तेज गति से वजन घटाने में सहायता मिलती है।
- इम्प्रूवड मानसिक सतर्कता: ग्रीन टी का लगातार सेवन मानसिक सतर्कता को बढ़ाता है, और मानसिक और शारीरिक ऊर्जा स्तर में भी सुधार दिखता है। मानसिक स्वास्थ्य मे इम्प्रूवमेंट इसमें मौजूद कैफीन और एंटीऑक्सिडेंट्स के कारण संभव होती है।
10. अदरक (Zingiber officinale)
यह एक मसाला परिवार से संबंध रखने वाला प्रकंद है। प्रकंद पौधे के उस तने को कहते हैं जो जड़ों की तरह जमीन के अंदर फलता फूलता है। सम्पूर्ण एशिया में इसकी करीब 150 किस्में मौजूद हैं। इसके औषधीय गुणों के कारण इसे Superfoods में गिना जाता है।

कंई देशों में इसका उपयोग खाद्य पदार्थ के रूप में प्रमुखता से किया जाता है। इसका उपयोग चाय, चटनी, आचार, मुरब्बे, सब्जी और ओषधि के तौर पर किया जाता है। इसका स्वाद थोड़ा कसैला होता है। भारत में इसका सामान्य और औषधीय रूप में बहुत उपयोग किया जाता है। यहां अदरक डालकर बनी चाय एकदम लाजवाब होती है। मौसमी बिमारियों जैसे सर्दी, खांसी, जुखाम, गले के बेक्टिरियल इन्फेक्शन में यह बहुत लाभकारी होती है।
अदरक के लाभ और विस्तृत जानकारी
अदरक में मौजूद इसके औषधीय गुण सामान्य मौसमी बिमारियों के अलावा गठिया, गैस, बदहजमी इत्यादि के जोख़िमों को कम करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटीमाइक्रोबियल और एंटिन्यूरोइन्फ्लेमेशन कैंसर के जोख़िम को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नियमित रूप से अदरक का सेवन हमारे पाचन प्रणाली को सुधारता है, और अंदरूनी सूजन और जलन को कम करता है। यह अन्य शारीरिक समस्याओं जैसे कि दर्द, मतली को कम करता है, और हार्ट हेल्थ को भी इम्प्रूव करता है। अदरक का नियमित सेवन हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसका सेवन हमारे हाजमे को दुरुस्त रखता है, और पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है, और अपच, गैस, ब्लोटिंग की समस्याओं को खत्म करता है।
- जोड़ों की सूजन में आराम: अदरक में मौजूद होता है जिंजरोल, जिंजिबरिन, जिंजरोन जो मांशपेशियों और जोड़ों की सूजन को कम करने में बहुत मदद करता है। यह आर्थराइटिस और अन्य जोड़ों से संबंधित बीमारियों में बहुत जल्दी राहत देता है।
- मतली, उल्टी में तात्कालिक राहत: अदरक के सेवन से मतली और उल्टी में इंस्टेंट राहत मिलती है। इसका सेवन विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और कीमोथेरेपी कराने वाले मरीजों के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होता है।
- अदरक में मुख्य रूप से पाए जाने वाले गुण और तत्व: अदरक में मुख्य रूप से जिंजरोल, जिंजिबरिन, जिंजरोन, एन्टिओक्सिडेंटस, एंटीमाइक्रोबियल और एंटिन्यूरोइन्फ्लेमेशन के गुण और तत्व पाए जाते हैं। कुछ शोध4 बताते हैं कि ये सभी तत्व और योगिक हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। कैंसर जैसी कुछ ख़तरनाक बिमारियों के जोख़िम को बहुत हद तक कम कर देते हैं।
11. अखरोट (Walnut)
अखरोट एक मेवा है, जिसका वनस्पतिक नाम Juglans Nigra है। यह ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाला एक फलदार वृक्ष है। इसके फल की गुठली को Walnut कहते हैं। इसी गुठली के अंदर मिलने वाली गिरी खाने योग्य होती है, जोकि पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें मौजूद फैटी एसिड और अन्य आश्चर्यजनक पोषक तत्वों के कारण इसका Superfoods की कैटेगरी में आना तो बनता है।

इसके लाभ और विस्तृत जानकारी
अखरोट में प्रचूर मात्रा में मौजूद होते हैं, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन, और एंटीऑक्सिडेंट्स। यही कारण है की यह सूपरफूड हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। नियमित रूप से इसका सेवन अनेक बिमारियों से हमारी रक्षा करता है। हमारे ऊर्जा के स्तर को इम्प्रूव करता है।
अखरोट हमारे हेल्दी हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह हमारी शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतरीन तरीके से नियंत्रित करता है और दिल से संबंधित रोगों के जोखिम को बहुत हद तक कम करता है। जुलाई 1992 में कैलिफोर्निया में किए गए शोध5 में पाया गया की नट्स का नियमित सेवन करने वाले लोगों में CHD घटनाओं का जोख़िम से बचा सकता है।
अखरोट के सेवन से मस्तिष्क स्वास्थ्य में भी सुधार आता है, और यह मानसिक कार्यप्रणाली को इम्प्रूव करता है। इसमें मौजूद फाइबर से हमारा पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है।
- भिगोकर खाना चाहिए अखरोट: हमारे आयुर्वेद में बताया गया है कि इसका सेवन करने से पहले इसको रात भर भिगोकर रखना इसके औषधीय गुणों को बढ़ा देता है। रातभर भिगोकर रखने से इसमें पाया जाने वाले हानिकारक रसायन साइटिक एसिड का प्रभाव लगभग खत्म हो जाता है, और इसके पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। इसमें मौजूद फाइबर की गुणवत्ता भी बढ़ जाती है, जिससे पाचन तंत्र में भी सुधार होता है और कब्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी: अखरोट में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में बहुत ही उच्च गुणवत्ता वाला होता है, इसी कारण इसके नियमित सेवन से हृदय स्वास्थ्य मे सुधार होता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है, जिससे रक्तचाप की समस्या और दिल से संबंधित रोगों के जोखिम कम होते हैं।
- ब्रेन हेल्थ पर अखरोट के सेवन का प्रभाव: अखरोट का सेवन मस्तिष्क स्वास्थ्य को सुधारता है। इसमें मौजूद पॉलीफ़ेनोल और एंटिओक्सिडेंटस न्यूरॉनल कनेक्शन को बढ़ावा देते हैं, जिससे हमारी स्मृति और संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिलता है। यह शोध6 अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से 1 ओंस अखरोट का सेवन करने से डिमेंशिया के जोख़िम कम होता है और संज्ञानात्मक कार्य प्रणाली बेहतर बनती है
- अखरोट में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व: अखरोट की गिरि में मुख्य रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड, एन्टिओक्सिडेंटस, कैल्शियम, विटामिन और मिनरल्स, फेनोलिक तत्व, पॉलीअनसेचुरेटेड फैट, कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन इत्यादि पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
12. अलसी के बीज (Flaxseeds)
अलसी का पौधे का इतिहास औपनिवेशिक का के अमेरिका से जुड़ा हुआ माना जाता है। वहां इस पौधे को इसके रेशे और तने के गुदे के लिए उगाया गया था, जिससे कागज और कपड़े के लिए धागे बनाए जाते थे। इसके बीजों को बहुत स्वास्थ्यवर्धक माना गया है।

अलसी के बीज (Flaxseed) को लेटिन भाषा में लिनम यूसिटाटिसिमम कहते हैं। इसके बीजों एन्टिओक्सिडेंटस और अल्फ़ा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है, जो हार्ट हेल्थ के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसके अलावा इसके सीड्स में ओर भी बहुत सारे जबरदस्त पौष्टिक गुण और योगिक मौजूद होते हैं जो अन्य superfoods की तरह अनेक प्रकार की बिमारियों के जोख़िम को कम करते हैं।
Flaxseed सेवन के लाभ और विशेष जानकारी
अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड व अल्फ़ा-लिनोलेनिक एसिड (ALA), प्रचूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके अलावा इनमें फाइबर, और लिग्नान्स की मात्रा भी अच्छी खासी होती है। इसके बीजों का सेवन पाचनतंत्र के लिए बहुत उत्तम माना जाता है, क्योंकि इनमें प्रचूर मात्रा में फाइबर होता है। जो constipation की समस्या से निजात दिलाता है।
अलसी के बीजों में उपलब्ध एसिड और एन्टिओक्सिडेंटस हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध हुए हैं।6 इन बीजों का सेवन हमारे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है। और हार्ट से संबंधित जोखिमों को कम करता है। इसके अलावा अलसी के बीज हमारे पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, जो वजन नियंत्रण में बहुत मदद करते हैं। इसमें मौजूद लिग्नान्स और एंटिओक्सिडेंटस कैंसर के जोखिम को भी कम करते हैं।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड करता है दिल की रक्षा: अलसी के बीज में मौजूद होती है ओमेगा-3 फैटी एसिड और अल्फ़ा-लिनोलेनिक एसिड की उच्च मात्रा, जो हमारे हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। दिल कि बिमारियों के जोख़िम को कम करते हैं। शरीर की अंदरूनी और बाहरी सूजन को भी कम करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य योगिक रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को बेहतर बनाते हैं।
- लिग्नान्स जो बचाते हैं कैंसर से: अलसी के बीज में लिग्नान्स, फाइटोएस्ट्रोजेन और एन्टिओक्सिडेंटस मौजूद होते हैं,जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकते हैं और कैंसर के जोख़िम को कम कर देते हैं। कुछ निदानिक शोध अध्ययन7 से पता चला है कि लिग्नांन हमारे हार्मोनल तंत्र को को संतुलित करके कैंसर जैसे ख़तरनाक जोख़िम से हमारी रक्षा करते हैं।
- अलसी के बीजों में पाए जाने वाले योगिक और तत्व: Flaxseeds के अंदर प्रचूर मात्रा में ओमेगा फैटी 3 एसिड, ओमेगा 6, फाइटोएस्ट्रोजेन, एन्टिओक्सिडेंटस, फाइबर, लिग्नान्स, प्रोटीन, विटामिन इत्यादि मौजूद होते हैं। इन सीड्स में मौजूद ये सभी पोषक तत्व इन बीजों को superfoods बनाते हैं ।
13. शकरकंद (Sweet potato)
यह एक जड़ वाली सब्जी है जो स्वाद में मीठी होती है इसी कारण इसे शकरकंद या साधारण बोलचाल में शकरकंदी कहते हैं। अंग्रेजी में इसे Sweet potato कहते हैं, जबकि आलू से इसका कोई संबंध नहीं है क्योंकि आलू प्रकंद है और शकरकंद एक संपूर्ण जड़ है।

इसका साइंटिफिक नाम Ipomoea batatas Convolvulaceae है। इसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और ऊर्जा भंडारित होती है। यह खाने में बड़ी स्वादिष्ट और पौष्टिक होती हैं। इसे लोग खासकर उबालकर खाना पसंद करते हैं।
शकरकंदी के लाभ और अन्य जानकारी
शकरकंद में प्रचूर मात्रा में बिटा कैरोटीन विटामिन सी,कार्बोहाइड्रेट और फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है। इसके अलावा इसमें एन्टिओक्सिडेंटस भी होते हैं, जो हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं।
शकरकंद का सेवन आंखों की सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है, क्योंकि इसमें मौजूद बिटा कैरोटीन हमारे शरीर में पचते ही विटामिन ए में बदल जाता है जो आंखों के दृष्टि दोष सुधारता है, और आंखों के रोगों के जोख़िम को कम करता है। इसके अलावा शकरकंद हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और हमारी इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स हमारे शरीर को मुक्त कणों से बचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बिमारियों का जोख़िम कम हो जाता है।
- शकरकंद का फाइबर होता है फायदेमंद: शकरकंद में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिसका सेवन हमारे पाचन तंत्र को सुधारता है। शकरकंद के सेवन से कब्ज की समस्या से निजात मिलती है। कब्ज की समस्या अगर लगातार बनी रहती है तो यह बहुत सारी अन्य बिमारियों को नियंत्रित करती है। परन्तु शकरकंद का नियमित सेवन constipation की समस्या से निजात दिलाता है।
- शकरकंद में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व: इस प्रकंद में मुख्य रूप से बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी, कार्बोहाइड्रेट, एन्टिओक्सिडेंटस, फाइबर पाया जाता है। ये सभी पोषक तत्व कंई प्रकार की गंभीर समस्याओं से हमारी रक्षा करते हैं। यही कारण है जो शकरकंद को superfoods की श्रेणी में रखा गया है।
14. ब्रॉकली (Broccoli)
Broccoli (Brassica Oleracea) एक सब्जी है जो सरसों के परिवार से संबंध रखती है। यह एक इटेलियन फसल है जो 1700 साल पहले ब्रिटेन और अमेरिका पहुंची। यह बहुत पोष्टिक सब्जी है। देखने में बिल्कुल गोभी से मेल खाती है परन्तु यह गहरी हरी होती है। इसमें फाइबर और एन्टिओक्सिडेंटस भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें कैलोरी की मात्रा ना के बराबर होती है।

Broccoli खाने के फायदे और अन्य जानकारी
इसमें पौष्टिक तत्वों की मात्रा अधिक और कैलोरी कम होती है। यही कारण है कि वजन कम करने में बहुत मददगार साबित होती है। ब्रॉकली में विटामिन ए, सी, के, और खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। इसमें फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा भी खूब होती है।
कंई शोधों में ब्रॉकली को स्वास्थ्य के लिए बहुत उत्तम बताया है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, कैरोटीन और लाइकोपीन हृदय रोगों के जोख़िम को कम करता है।8 यह हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। यह हमारे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखती है और हार्ट हेल्थ संबंधित जोखिमों को कम करती है। Broccoli के सेवन से कैंसर का जोखिम भी कम होता है। इसके अलावा यह फाइबर से भरपूर होने की वजह से हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है। इसमें मौजूद विटामिन सी हमारी इम्यूनिटी भी बढ़ती है।
- इसमें मौजूद विटामिन सी के फायदे: ब्रॉकली में अच्छी मात्रा में विटामिन सी उपलब्ध होता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को बहुत मजबूत बनाती है और मौसमी संक्रमणों से हमारा बचाव करती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बेहतर बनाती है। त्वचा संबंधी समस्याओं के निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- Broccoli में मौजूद फोलेट के फायदे: ब्रॉकली में फोलिक एसिड की उच्च मात्रा होती है, जो डीएनए की मरम्मत और नई स्वस्थ कोशिकाओं निर्माण में सहायक होती है। नई RCB कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है। यही कारण है कि गर्भवती महिलाओं को ब्रोकली का खूब सेवन करना चाहिए। यह कैंसर के जोखिमों को कम करने में भी सहायक है।
- इसमें मौजूद फाइबर के फायदे: इसमें मौजूद फाइबर की उच्च मात्रा बहुत फायदेमंद है, यह पाचन तंत्र को सुधारती है और वजन को नियंत्रित करने में बहुत मदद करती है। कब्ज की समस्या से निजात दिलाती है। शरीर में सूजन की समस्या के निदान में सहायता करती है।
- Broccoli से मिलने वाले प्रमुख पोषक तत्व: इसमें मिलता है फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, ग्लूकोसाइनोलेट्स, विटामिन ए, सी, के, कैल्शियम, फोलेट, कैरोटीन और लाइकोपीन। इन्हीं पोषक तत्वों की मोजुदगी इस best 15 superfoods की लिस्ट में शामिल करती है।
15. दही (Curd)
दूध में जब Lactobacillus बेक्टिरिया lactic acid उत्पन्न करते हैं तो दूध बदल जाता है दही में और फिर दही का उपयोग अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है। दही पोषक तत्वों से भरपूर होती है। ताजा दही का उपभोग पाचनतंत्र के लिए बहुत ही उत्तम माना गया है।

दही खाने के लाभ और अन्य जरूरी जानकारी
आयुर्वेद में दही को अमृत तुल्य माना गया है परन्तु इसका तासीर गर्म बताया गया है। कुछ लोगों का मानना है कि रात को दही का सेवन नही करना चाहिए। हालांकि इस बारे में कोई शोध उपलब्ध नही है। हां इसके प्रोबायोटिक्स गुण के उपर दक्षिण भारतीय दही को लेकर शोध9 है जिससे साबित होता है कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचनतंत्र में प्रभावशाली हो सकते हैं।
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचनतंत्र के लिए उत्तम है क्योंकि यह पेट में अच्छे बेक्टिरिया को बढ़ाता है, दही में मौजूद कैल्शियम हमारी हड्डियों को मजबूत करता है, इसके अलावा इसमें प्रोटीन और विटामिन बी प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो बच्चों के शारीरिक विकास में सहायक है। दही के सेवन से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। वसा रहित दही के सेवन से वजन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।
- दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स के फायदे: दही में अच्छी खासी मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो हमारे पाचन तंत्र को सुधारते हैं और पाचनशक्ति को बढ़ाते हैं। इसके सेवन से आंते स्वस्थ् रहती हैं। कब्ज की शिकायत खत्म हो जाती है। रक्त संबंधित विकारों में कमी आती है।
- कैल्शियम के फायदे: दही में कैल्शियम की बहुत अच्छी मात्रा होती है, जो हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूती प्रदान करती है। इसके सेवन से जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस की सम्भावना बहुत हद तक कम हो जाती है। इसके अलावा बढ़ती उम्र में अक्सर होने वाली पीठ दर्द के जोख़िम कम हो जाते हैं।
- दही में मौजूद प्रोटीन के फायदे: सभी को पता है कि शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन कितना महत्वपूर्ण है। पुरानी कोशिकाओं के मरने पर नई कोशिकाओं के विकास में अहम भूमिका निभाता है। दही में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है, जो नई कोशिकाओं के विकास और मांसपेशियों की वृद्धि और मरम्मत के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।
निष्कर्ष
15 best Superfoods हमारे आहार में शामिल करने से वो सभी जरूरी पोषक तत्व हमारे शरीर को मिलते हैं, जो हमारे शरीर के विकास और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। हम इन्हें अपने दैनिक आहार योजना में शामिल करके विभिन्न प्रकार की अनचाही बीमारियों से बच सकते हैं। इनके सेवन से अपनी इम्यूनिटी, ऊर्जा के स्तर, और संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली को सुधार सकते हैं।
हमारे स्वास्थ्य के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम अपनी आहार योजना में विविधता और संतुलन बनाए रखें और से संतुलित आहार का सेवन करें जो हमारे सर्वांगीण विकास में योगदान दे। हमें सभी प्रकार के आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन Superfoods का नियमित सेवन हमारे शरीर और जीवन को स्वस्थ और समृद्ध बनाने में सक्षम है।
स्रोत: American institute for cancer research, NCCIH , अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन, शोध फूड साइंस एंड न्यूट्रीशन volume 11 / issue 1, AICR, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7
8, 9 / Free Images source: pixabay
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