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How to improve Immunity? जान गए तो बिमार होना भूल जाओगे!

Last Updated on मार्च 24, 2025

क्या आप अपने शरीर के एक अहम हिस्से ‘Immunity’ के बारे में सबकुछ जानते हैं? कैसे यह आपको बिमारियों से बचाता है? जो आपको स्वस्थ रखने के लिए आपके शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस इत्यादि से लगातार लड़ता रहता है। चलिए डिटेल से इसके बारे में जानते हैं, जैसे कि- क्या है इम्यूनिटी? रोग प्रतिरोधक क्षमता क्यों कमजोर होती है? इसके कमजोर होने के लक्षण, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के उपाय इत्यादि।

‘इम्यूनिटी’ जिसे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भी कहते हैं, यह हमारे शरीर का एक अद्भुत और इंटेलिजेंट प्राकृतिक सुरक्षा सिस्टम है, जिसका काम है भिन्न-भिन्न प्रकार की बिमारियों और infection पैदा करने वाले बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से लड़ना और उनके कुप्रभावों से शरीर को बचाना।

वास्तव में यह हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें बिमारियों से बचाता है, उनके इलाज में मदद करता है। अगर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है तो रोग मुक्त होने में कम समय लगता है‌, अगर यह कमजोर हो तो लम्बे समय तक बिमार पड़े रहने की सम्भावना बनी रहती है। इसकी कमजोर स्थिति के कारण जल्दी बुढ़ापे के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इस लिए हर व्यक्ति को अपना इम्यून सिस्टम मजबूत रखना चाहिए। हमेशा ऐसे प्रयास करते रहना चाहिए जिससे यह सही तरीके से अपना काम करता रहे और हम बिमारियों से बचे रहें।

Immunity के कमजोर होने के 8 सबसे बड़े कारण

इम्यूनिटी के क्षिण होने के पीछे बहुत सारे स्वास्थ्य संबंधित कारण और कारक हो सकते हैं। उनमें से 8 सबसे बड़े और प्रमुख कारणों की सूची इस प्रकार है-

  1. अनुचित आहार का सेवन- अपने पाचनतंत्र के अनुसार पौष्टिक आहार का सेवन नही करना। अधिकतर फास्ट फूड, पैकेजड फूड इत्यादि हानिकारक आहार में पोषक तत्वों जैसे कि best immune boosting vitamins C, D, और मिनरल्स Zinc और iron इत्यादि की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है और शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। जल्दी जल्दी बिमार पड़ने की समस्या शुरू हो जाती है।
  1. पर्याप्त नींद ना लेना-अनिंद्रा (insomnia)की समस्या अस्वस्थ शरीर का बड़ा कारण है। अगर प्रोपर नींद ना ली जाए तो इसका सीधा असर हमारी इम्यूनिटी पर पड़ता है। इसी वजह से बिमारी को ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। यही कारण है कि डॉक्टर दवाई लेने के बाद भरपूर नींद लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि नींद के दौरान हमारे शरीर की कोशिकाएं ज्यादा एक्टिव होती हैं। 

  1. तनावपूर्ण जीवन शैली (Stressful lifestyle)- मानसिक और शारीरिक तनाव Good immune system का बड़ा दुश्मन है। यह शरीर के साथ साथ इम्यूनिटी को भी कमजोर कर सकता है, जिससे हमारा शरीर  बीमारियों के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील रहने लगता है और बिमारियां हमें ज्यादा प्रभावित करने लगती हैं।
  1. शारीरिक गतिविधि की कमी- शरीर को अधिक दिनों तक कठिन कार्यों से दूर रखने और नियमित light exercise या किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधि ना करने से भी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। कहने का सीधा सा तात्पर्य है कि आलस्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर सकता है।
  1. नशीले पदार्थो तंबाकू शराब का सेवन- अत्याधिक मात्रा में शराब और तंबाकू के सेवन की आदत सीधे-सीधे हमारे शरीर पर कुप्रभाव डालती है। जिसके प्रभावस्वरूप रोगों से लड़ने की हमारी शक्ति कमजोर हो जाती है। इसी कारण संक्रमण और कैंसर जैसी गंभीर बिमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।
  1. कुछ गंभीर बीमारियां भी इम्यूनिटी को कमजोर करती है- अनेक ऐसे अनुवांशिक और ग़लत आदतों से उत्पन्न होने वाले रोग हैं, जो सीधे तौर पर इम्यूनिटी को क्षिण करते हैं, जैसे कि कैंसर, Diabetes, HIV इत्यादि। इन रोगों का इम्यून सिस्टम पर बहुत घातक प्रभाव पड़ता है। 
  1. अधिक मात्रा में दवाइयों का सेवन- कंई बार कुछ विशेष परिस्थितियों में अत्याधिक मात्रा में एंटीबायोटिक्स और Immunosuppressants, Biosimilar और Biologics दवाओं के अत्यधिक सेवन से शरीर की natural immunity के कमजोर होने की बहुत ज्यादा संभावनाएं बढ़ जाती है। (स्रोत
  1. Hormonal असंतुलन- स्वस्थ बने रहने के लिए शरीर में हार्मोन्स जैसे कि एड्रिनल थायरॉइड इत्यादि का बेलेंस बने रहना बहुत जरूरी होता है। अगर हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है तो यह स्थिति इम्यूनिटी पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है, और बिमारी को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है 

इस प्रकार उपर दिए गए कारणों के माध्यम से आप स्वयं का या परिवार के अन्य सदस्यों को सचेत कर सकते हैं। अगर समय रहते इम्यूनिटी को कमजोर करने वाले कारकों पर ध्यान दिया जाए तो हम स्वयं और करीबियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रख सकते हैं। 

कमजोर इम्यूनिटी के सामान्य लक्षण 

बड़ा ही आसान है कमजोर इम्यूनिटी के लक्षणों को पहचानना। बिमारियों से लड़ने की क्षमता जब कमजोर हो जाती है तो व्यक्ति बार बार बिमार पड़ता है। बिमारी को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है। ऐसे ही कुछ लक्षण हैं जो संकेत देते हैं की इम्यूनिटी सिस्टम में कुछ गडबड है, शरीर की इन्फेक्शन और बिमारियों से लड़ने की क्षमता घट रही है। नीचे दिए गए लक्षणों से इम्यूनिटी की स्थिति पहचानें-

  1. कमजोरी और थकान का बने रहना- सामान्य स्थिति में भी अगर आपका शरीर लगातार थका हुआ महसूस करता है, बिना किसी काम को किये भी लगातार कमजोरी महसूस होती है, तो इसे इम्यूनिटी के ठीक से काम नही करने का संकेत माना जा सकता है।  
  1. घावों के ठीक होने में ज्यादा समय का लगना- सामान्य से घाव या चोट को ठीक होने में अगर बहुत दिनों का समय लग रहा है, तो काफी हद तक यह कमजोर इम्यूनिटी का एक लक्षण हो सकता है।
  1. बुखार का बार-बार आना- यदि आपका शरीर बार बार बुखार से दो चार हो रहा है, यानि कि ज्वर चढ़ता है और उतर जाता है। यह स्थिति काफी दिनों तक बनी रहती है, तो संभव है कि यह इम्यून सिस्टम के सही से काम ना करने के कारण हो। 
  1. Skin problems और infection- लम्बे समय तक skin problems जैसे कि दाद, खाज, खुजली, मुंहासे फोड़े फुंसी और अन्य bacterial infection इत्यादि ठीक नही होते हैं। हो सकता है कि इस प्रकार के त्वचा संक्रमण का कारण इम्यून सिस्टम का सही से काम नही करना हो। 
  1. लगातार जुखाम, सर्दी और खांसी की समस्या- अगर जुखाम, खांसी, सर्दी की समस्या या बेक्टिरियल संक्रमण की समस्या बार-बार होती है या काफी लम्बे समय तक बनी रहती है, तो संभवतः यह इम्यूनिटी की कमजोरी का एक स्पष्ट लक्षण है। 
  1. शरीर में दर्द और सूजन- खासकर जोड़ों में दर्द और सूजन का होना या शरीर के अन्य अंगों में लगातार दर्द का होना या रूक कर दर्द का अनुभव होना। लम्बे समय से अगर दर्द की यही स्थिति बनी हुई है तो यह कहीं ना कहीं इम्यून सिस्टम की कमजोरी का संकेत या लक्षण भी हो सकता है।
  1. पाचनतंत्र की समस्याओं का लगातार बने रहना- पेट संबंधित विकारों जैसे कि बार बार दस्त आना, पेट में बार बार दर्द होना, लम्बे समय तक कब्ज का बने रहना इत्यादि। पाचनतंत्र से संबंधित समस्याएं कमजोर इम्यूनिटी के कारण भी हो सकती हैं।
  1. नींद नहीं आना(insomnia)- अधिक नींद आने की समस्या और नींद ना आने की समस्या लम्बे समय तक बनी रहती है, तो यह कहीं ना कहीं इम्यून सिस्टम के कमजोर होने का संकेत हो सकता है। हांलांकि अनिद्रा के ओर भी अनेक कारण हो सकते हैं। 
  1. लगातार एलर्जी की समस्या- एलर्जी होना एक सामान्य सी बिमारी है, परन्तु कभी-कभी यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है। अगर सामान्य से अधिक एलर्जी लगातार बनी रहे तो एक बार इम्यूनिटी का टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। क्योंकि हमारा इम्यून सिस्टम सामान्य सी एलर्जी को अधिक समय तक टिकने नही देता है। अगर लम्बे समय तक एलर्जी ठीक नही हो रही है तो संभव है की इम्यूनिटी कमजोर पड़ रही है। 

अगर उपर बताए गए लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह जरूर लें और इम्यूनिटी को बढ़ाने के तरीकों पर काम करें। अगर स्वस्थ जीवन जीना है तो अपने खान-पान और रहन-सहन को इस प्रकार नियमित करें कि आपका स्वास्थ्य हमेशा अच्छा बना रहे और strong immunity बनी रहे।

इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखना क्यों जरूरी है? 

coronavirus

  1. शरीर को संक्रमण से बचाने के लिए- हमारे आसपास सामान्य से लेकर गंभीर बिमारियों जैसे कि फ्लू, टाइफाइड, COVID-19, Hepatitis-B इत्यादि फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। वातावरण के बदलाव और अन्य मानवीय कारणों से ये वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हो कर हमें संक्रमित करते हैं मजबूत इम्यूनिटी शरीर को सामान्य संक्रमणों से लेकर गंभीर बीमारियों तक से हमारी रक्षा करती है। जितनी ज्यादा मजबूत इम्यूनिटी होती है उतना ही ज्यादा सुरक्षित हमारा शरीर होता है। 

happy patient

  1. बिमारी से तेजी से उबरना के लिए- मजबूत इम्यूनिटी न केवल रोगों से बचाने का काम करती है, बल्कि बीमार होने के बाद भी तेजी से ठीक होने में हमारी मदद करती है। जब हमारे शरीर के पास पर्याप्त इम्यून कोशिकाएं होती हैं, तो वह बैक्टीरिया और वायरस का मुकाबला बहुत तेजी से कर सकती हैं, जिससे शरीर के रिकवर होने की प्रक्रिया बहुत हद तक तेज हो जाती है।

healthy life

  1. शरीर में ऊर्जाशक्ति बनाए रखने के लिए- अगर इम्यूनिटी का स्तर अच्छा बना रहता है तो शरीर चुस्त तंदुरुस्त बना रहता है। बिना थकावट के दैनिक जीवन में ऊर्जा और सक्रियता हमेशा बनी रहती है। इसके विपरित कमज़ोर इम्यूनिटी के कारण व्यक्ति जल्दी थकान महसूस करने लगता है और उसके दैनिक कार्य करने की क्षमता में गिरावट नजर आने लगती है।

longevity

  1. दीर्घायु तक स्वास्थ्य लाभ हेतु- लम्बी आयु तक स्वस्थ जीवन जीने के लिए Good immune system का होना बहुत जरूरी होता है। लगातार जीवन में मजबूत इम्यूनिटी बनाए रखने से न केवल वर्तमान में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि उम्र बढ़ने के कारण भविष्य में आने वाली संभावित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं हृदय रोग, कैंसर, और मधुमेह इत्यादि से भी बचाव करती है। यह हमारे शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ रखने में भी सहायक होती है और अचानक से आने वाले जोखिमों को कम करती है।

इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने के कारगर तरीके 

अगर दिर्घायु तक स्वस्थ जीवन जीना है, तो यह सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है, कि हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत बना रहे, ताकि वह संक्रमण और अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से निपट सके। लेकिन यह इतना आसान नही है, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ हम कमजोर होते जाते हैं। हमारा इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है, परन्तु कुछ तरीकों, उपायों के माध्यम से हम अपने शरीर और इम्यूनिटी के कमजोर होने की गति को रोक सकते हैं, slow कर सकते हैं। 

डाक्टरों और हेल्थ एक्सपर्टस से बात-चीत के आधार पर और कुछ लेखों और आयुर्वेदिक किताबों को पढ़कर जाना कि 2 प्रमुख तरीके हैं जिनसे हम लम्बी आयु तक अपने इम्यून सिस्टम को सक्रिय और मजबूत रख सकते हैं:

  1. प्राकृतिक तरीके।
  2. एलोपैथिक तरीके या इमरजेंसी तरीके। 

चलिए इन दोनों तरीकों के बारे में हम विस्तार से जानते हैं। 

Natural Immune system booster प्राकृतिक तरीके 

प्राकृतिक तरीके से immune system boost करना या मजबूत करना सबसे बेहतर और सुरक्षित उपाय है। इसके लिए दैनिक आदतों से लेकर दैनिक खान-पान में सुधार करना शामिल है। प्राकृतिक तरीके से बढ़ाई गई इम्यूनिटी सबसे उत्तम और कारगर होती है। चलिए विस्तार से जानते हैं कि कैसे हम प्राकृतिक तरीके से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को improve कर सकते हैं।

Daily की नियमित आदतों से होगी इम्यूनिटी बूस्ट

सकारात्मक परिणाम के लिए दैनिक जीवनशैली की छोटी-छोटी आदतें बहुत असरदार होती हैं। यही कारण है कि इम्यूनिटी बूस्टिंग के लिए पहले कदम के तौर पर नई आदतों को शामिल करने और पुरानी आदतों में सकारात्मक बदलाव करने से बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

इम्यूनिटी को जबरदस्त और मजबूत बनाए रखने के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ आसान परंतु प्रभावी आदतों को शामिल करना बहुत महत्व रखता है। यह आदतें हमारी Immunity (प्रतिरक्षा प्रणाली) को प्राकृतिक तरीके से improve करने में बड़ी हेल्प करती हैं। एसी ही कुछ के आदतों के बारे में यहां जानकारी दी जा रही है: 

dhoop sekna

  1. सुबह की धूप का आनंद लेना- हर दिन सुबह-सुबह कुछ देर तक हल्की धूप में बैठने या खेलने से प्रचूर मात्रा में शरीर को विटामिन डी प्राप्त होता है, जोकि इम्यूनिटी को improve करने में सहायक होता है। best immune boosting vitamin-D हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है, जो infection से बचाव में हमारी हेल्प करता है।

yoga and meditation

  1. Discipline के साथ नियमित व्यायाम- अपनी क्षमता और जरूरत के हिसाब से हल्के-फुल्की exercise जैसे कि तेज पैदल चलना, योगाभ्यास या Heavy Workout इत्यादि शारीरिक गतिविधियां हमारे शरीर को मजबूत और फिट रखती हैं। इन गतिविधियों से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। नियमित  exercise से शरीर की चर्बी घटती है, रक्तवाहिकाओं में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे हमारी इम्यून कोशिकाएं सक्रिय हो जाती है, और immune system की कार्य क्षमता बढ़ जाती है।

drink water

  1. Hydrated रहना- पानी शरीर के  लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, इसी कारण से कहा भी गया है कि ‘जल ही जीवन है’ क्योंकि हमारे शरीर का 60% भाग पानी से बना है।  दी गई इमेज से आप समझ सकते हैं की हमारे शरीर के लिए पानी कितना important है। प्रचूर मात्रा में जल पीना हमारे लिए बहुत जरूरी होता है क्योंकि यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और हमारी कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है।  इससे हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

Deep good Sleep

  1. अच्छी नींद लेना- अच्छी नींद खासकर deep Sleep लेने से हमारे शरीर के immune cells सक्रिय हो जाते हैं जिससे इम्यूनिटी में बहुत सुधार होता है। यही वो समय भी होता है जब Autophagy system मृत कोशिकाओं और toxic waste को खाकर खत्म करने के लिए ज्यादा सक्रिय होता है। Doctors भी recommend करते हैं कि नियमित रूप से 7-8 घंटे की नींद शरीर के लिए बहुत जरूरी होती है, इसमें भी 2 से 3 घंटे की गहरी नींद ज्यादा महत्वपूर्ण मानी गई है। Importance of deep Sleep अपने आप में ही एक शोध का विषय है।  

balanced diet

  1. संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन- कितना शुद्ध और पौष्टिक इंधन हम अपने शरीर के अंदर डालते हैं? यह बहुत मायने रखता है। हमारे आहार में इस प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए जिनमें vitamins, protein, minerals और Antioxidants प्रयाप्त मात्रा में मौजूद हों और जिनको पचाने के लिए पाचनतंत्र को अत्यधिक मेहनत ना करनी पड़े। खासकर best immune boosting vitamins C और D, और जिंक युक्त आहार Immunity को बढ़ाते हैं। कुछ ऐसे Super foods भी हैं जो शरीर के लिए वरदान से कम नही है। पौष्टिक आहार का ही परिणाम है कि जापान में दुनिया के सबसे ज्यादा Centenarians मौजूद हैं। जापानी longevity का सबसे बड़ा कारण उनकी आहार व्यवस्था को माना जाता है। 

stressless life

  1. तनावमुक्त रहने का प्रयास- हमने अपने बुजुर्गों से अक्सर एक कहावत सुनी है कि ‘चिंता चिता समान’ तात्पर्य यह है कि व्यक्ति के अत्याधिक चिंतित रहने से वह जल्दी ही मृत्यु को प्राप्त करता है। ज़रूरत से ज्यादा तनाव हमारी इम्यूनिटी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस लिए daily ऐसी activities में involved रहो जिनसे तनावमुक्त रहने में मदद मिलती हो, जैसे की मेडिटेशन, योगाभ्यास, प्राथना, दान और  दोस्तों के साथ बातचीत और हंसी-ठिठोली इत्यादि। क्योंकि मन खुश तो तन खुश। 

cleanliness

  1. शारीरिक स्वच्छता बनाए रखना- ‘स्वच्छता ही स्वस्थ रहने का मंत्र है’ कुछ ऐसी आदतों को जीवन का हिस्सा बना लेना चाहिए जिनसे आपका तन और मन हमेशा स्वच्छ बना रहे, जैसे कि प्रत्येक कार्य के बाद जरूरी लगे तो हाथ धोने की आदत, डेली स्नान की आदत, अपने आस-पास सफाई रखना इत्यादि से वायरस और बैक्टीरिया आसपास नही पनपते हैं और आप बाहरी संक्रमण से बचे रहते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम भी ठीक रहता है।

yoga and meditation

  1. डेली योग और मेडिटेशन-  रोजाना योगाभ्यास और मेडिटेशन करने से स्वास्थ्य सुधरता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता improve होती है। मानसिक तनाव कम होता है। जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन नजर आने लगते हैं। इस लिए प्रतिदिन स्वयं को जानने और रोगों से मुक्ति के लिए योगासनों और मेडिटेशन का अभ्यास करना चाहिए। 

इस प्रकार ये छोटी-छोटी सी आदतें हमें स्वस्थ रखने और हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये प्राकृतिक ढाल बनकर हमें बिमारियों से बचाती हैं। इन्हें दैनिक जीवन में शामिल करना बहुत आसान है, जिनसे स्वास्थ्य संबंधित दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। 

पोषक तत्व और खाद्य पदार्थ जो बढ़ाते हैं इम्यूनिटी!

ऐसे बहुत सारे पोषक तत्वों से भरपूर आहार और सुपरफूड्स हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। इनमें मौजूद best immune boosting vitamins, एंटीऑक्सीडेंट्स, मिनरल्स, और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व शरीर को बीमारियों के खिलाफ लड़ने की amazing शक्ति देते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही कुछ प्रमुख पोषक तत्वों और सुपरफूड्स की जानकारी आपके साथ साझा कर रहे हैं, जो इम्युनिटी सिस्टम को स्ट्रांग बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं-

  1. Vitamin-C से भरपूर खाद्य पदार्थ- संतरा, कीवी, नींबू, अमरूद, आंवला और लाल शिमला मिर्च ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनमें विटामिन C प्रचूर मात्रा में मौजूद होता है। यह एक प्रमुख एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर में cytokines को प्रड्यूस करता है। इससे हमारे शरीर में white blood cells के उत्पादन को बढ़ाता है, और संक्रमण और रोगों से लड़ने के लिए शरीर को मजबूत बनाता है। लाल शिमला मिर्च और किवी विटामिन C के सबसे अच्छे स्रोत हैं। 
  1. Vitamin-D युक्त खाद्य पदार्थ- Vitamin-D हमारे इम्यून सेल्स को सक्रिय और उत्तेजित करता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती हैं। सैल्मन, टूना मछली में विटामिन D प्रचूर मात्रा में उपलब्ध होता है। अंडे की जर्दी भी विटामिन D का बेहतरीन स्रोत है, इसके अलावा सुबह की धूप सेंकने से भी vitamin-D शरीर को प्राप्त होता है।  कीवी, केले, पपीते और दूध व अन्य डेरी उत्पादों, ड्राइफ्रूट्स इत्यादि से भी यह विटामिन प्राप्त होता है।
  1. जिंक से भरपूर फूड्स- यह पोषक तत्व भी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कद्दू के बीज, चिया सीड्स अंडे, लहसुन और नट्स में जिंक भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, इसके अलावा समुद्री सीप जिंक का बहुत ही अच्छा स्रोत है। मांसाहार में लाल मांस में जिंक भरपूर होता है। 
  1. प्रोबायोटिक्स और फाइबर युक्त फूड्स- दही, योगर्ट इत्यादि प्रोबायोटिक्स खाद्य पदार्थ पाचनतंत्र के लिए बहुत अच्छे होते हैं। ये हमारे पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम की सक्रियता बढ़ती है। इसके अलावा फाइबर से भरपूर अनाज जैसे कि ओट्स, बाजारा, साबुत मोटा अनाज इत्यादि से बने फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ पाचन को ठीक रखते हैं। पाचन-क्रिया ठीक से काम करती है तो इम्यूनिटी भी improve होती है।
  1. एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल और सब्जियां- फलों में देखा जाए तो बेरी, चेरी, अंगूर, अंजीर और अनार इत्यादि में एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में होते हैं। सब्जियों में पत्तेदार सब्जियां, जैसे पालक, बथुआ, ब्रोकली इत्यादि में भी एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। कुछ समूद्री शैवाल भी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं।  कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। इम्यून सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखने में एंटीऑक्सीडेंट्स बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  1. हल्दी और अदरक- हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद करता है। देखा जाए तो प्राचीन काल से ही इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए हल्दी का उपयोग एशियन देशों में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। आज USA और अन्य European countries में भी हल्दी का उपयोग खूब किया जाने लगा है। अब बात करते हैं अदरक की जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रोपर्टीज अच्छी खासी मात्रा में मौजूद होती है और जो हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में बहुत मदद करता है।
  1. ग्रीन टी- बड़ी मात्रा में पॉलीफेनोल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं ग्रीन-टी में, जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा ग्रीन टी हमारी त्वचा को स्वस्थ रखने में भी बहुत कारगर है, और इसके पीने के बाद व्यक्ति तरोताजा महसूस करता हैं।  

ये सभी पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ और सूपरफूडस हमारे इम्यून सिस्टम को प्राकृतिक तरीके से बूस्ट करने में पूर्ण रूप से कारगर हैं। ये इम्यूनिटी के साथ-साथ सम्पूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। इनके आधार पर आप अपनी आहार योजना बना सकते हैं और लम्बे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। 

प्राकृतिक जड़ी-बूटियां इम्यूनिटी के लिए वरदान 

प्रकृति के खजाने में ऐसी ऐसी जादुई जड़ी बूटियां मौजूद हैं जो हमें दिर्घायु तक स्वस्थ रखने की ताकत रखती हैं। जैसे कि तुलसी, अश्वगंधा, गिलोय और हल्दी इत्यादि। इन जड़ी बूटियों का भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण स्थान है। इनमें से बहुत सारी जड़ी-बूटियाँ अपने प्राकृतिक गुणों के कारण इम्यूनिटी को बूस्ट करने में सहायक मानी जाती हैं। 

नियमित रूप से इन जड़ी बूटियों का सेवन करने से शरीर को कईं आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं। प्रमुख गुणों के साथ इनके इम्यूनिटी पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी के लिए आर्टिकल पढ़ें (Immunity boost करने वाली 7 जादुई जड़ी बूटियां) 

Immunity बढ़ाने के एलोपैथिक उपाय 

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए एलोपैथिक उपाय डॉक्टर द्वारा सुझाए गई कुछ दवाइयों और उपचारों पर आधारित हैं। इस लिए इनका उपयोग चिकित्सक और न्युट्रिशन की सलाह से ही करना चाहिए। यहां कुछ सामान्य एलोपैथिक उपायों की जानकारी नीचे दी गई है:👇

  1. विटामिन-C युक्त सप्लिमेंट- विटामिन C (Ascorbic acid) को इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व है। यह हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। यह शरीर को संक्रमण से बचाने में बहुत मदद करता है। हांलांकि प्राकृतिक तरीके से मिलने वाला विटामिन सी अच्छा होता है, परन्तु इमेरजैंसी में डाक्टर इसे सप्लिमेंट को तौर पर कंई बार रिकमेंड करते हैं, ताकि इसकी कमी को जल्दी से पूरा किया जा सके। मार्केट में कुछ बेहतरीन मेडिसिन कंपनियों को विटामिन सी सप्लिमेंट मौजूद हैं जिनका उपयोग किया जाता है जैसे कि Cipla की Vitamin-c और Revital vitamin-C इत्यादि।
  1. विटामिन-D सप्लिमेंट- यह विटामिन हमारे शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है। इसके  विषय में उपर अच्छे से बताया गया है। विटामिन-D शरीर की इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में अहम योगदान देता है। चिकित्सक इमरजेंसी में मरीज को Vitamin D3 (Cholecalciferol) सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। मार्केट में यह लगभग सभी प्रमुख मेडिसिन कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई गई है। 
  1. जिंक सप्लिमेंट के रूप में- यह तत्व भी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमारी कोशिकाओं के विकास और सुधार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह भी मार्केट में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। खासकर यह विटामिन-D के साथ ही उपलब्ध हो जाता है। लगभग सभी दवाई कंपनियों द्वारा अपने अपने नाम से उपलब्ध कराया गया है। 
  1. विशेष परिस्थितियों में एंटीबायोटिक्स- बिमार होने की स्थिति में संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर्स द्वारा एंटीबायोटिक्स का प्रिस्क्रिप्शन दिया जाता है। एंटीबायोटिक्स मेडिसिन कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेनी चाहिए। ये मार्केट में लगभग सभी जानी मानी फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा संक्रमण के अनुरूप उपलब्ध कराई गई हैं।
  1. एंटीवायरल दवाएं- कुछ दवाएं हमारे शरीर में होने वाले वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टर की रिकमेंडेशन पर ली जाती है। इन दवाओं को आप स्वयं नही खरीद सकते हैं, मेडिकल शॉप से ये दवाएं तभी खरीद सकते हैं जब किसी डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाती हैं। 
  1. Immunomodulators- ये कुछ दवाएं हैं जो शरीर में इम्यूनिटी के रिस्पॉन्स को संतुलित करती हैं, ताकि इम्यून सिस्टम सही तरीके से काम करता रहे। Immunomodulators के रूप में कुछ दवाएं फार्मा कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई गई है। डाक्टरों की सलाह के बिना इन दवाइयों का उपयोग कभी नही करना चाहिए। 
  1. ग्लूटाथिओन- यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो डॉक्टर द्वारा सुझाए जाने पर उपयोग की जाती है। Glutathione इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने और फैटी लीवर के इलाज में मदद करती है। मरीज इसे इन्फ्यूजन या टैबलेट के रूप में ग्रहण करते हैं। 

हमेशा ध्यान रखें कि उपर बताई गई दवाइयों का उपयोग बिना डॉक्टर की सलाह के कभी भी उपयोग नही करनी चाहिए। गलती से भी ऐसा ना करें वर्ना लेने के देने पड़ सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का शरीर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया देता है। इन दवाओं से बेहतर है कि आप उपर बताए गए प्राकृतिक तरीकों का उपयोग अपने इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाने के लिए करें।

निष्कर्ष 

इम्यून सिस्टम हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, या ये कहें कि यह वह सुरक्षा प्रणाली है, जो हमारे शरीर की बीमारियों और संक्रमणों से रक्षा करती है। इसे मजबूत बनाए रखना न केवल हमारी हेल्थ के लिये जरूरी है, बल्कि यह हमारी दीर्घायु और स्वस्थ जीवनशैली का एक आधार भी है। पोष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, भरपूर नींद और तनाव प्रबंधन जैसे आम उपाय इम्यूनिटी को मजबूत करने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं।

परन्तु इसे बनाए रखने के लिए हमें अत्यधिक शराब और धुम्रपान जैसी गंदी आदतों से बचना चाहिए। इसके अलावा हमें कुछ आदतों जैसे कि योग, ध्यान को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। हमेशा विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, और अन्य उपर बताए गए पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता लगातार काम करती रहें। यदि हम लेख में बताए गए तरीकों के हिसाब से जीवनशैली में सकारात्मक बदलावों को अपनाएँ, तो हम बीमारियों से तो बच ही सकते हैं, बल्कि हम एक स्वस्थ, खुशहाल और सक्रिय लम्बा जीवन जी सकने में कामयाब हो सकते हैं। 

अस्वीकरण: यह कंटेंट केवल सामान्य जानकारी आपके साथ साझा करता है। किसी भी जानकारी का उपयोग करने से पहले अपने विवेक का उपयोग करें और उसे अन्य स्रोतों के द्वारा कन्फर्म कर लें। यहाँ उपलबध जानकारी के लिए हिन्दुविशेष.कॉम और लेखक पूर्ण सत्यता का दावा नहीं करता है। 

स्रोत: goodrx.com,  Ayurveda book ‘Vanaspati Aushadh Vighyan’

 

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मनोज आचार्य जी एक ज्योतिषी और कन्टेंट राइटर हैं। इन्होंने Master of Art in Jyotish Shastra and Master of Art in Mass communication की डिग्री प्राप्त की है और दोनों क्षेत्रों में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखते हैं। आचार्य जी ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव रखते हैं। हजारों कुंडलियों के विश्लेषणात्मक अध्ययन और अपने समर्पण और कड़ी मेहनत के द्वारा गहन विशेषज्ञता हासिल की है। इसके अलावा आचार्य जी अन्य विषयों जैसे कि पत्रकारिता, ट्रेवल, आयुर्वेद, अध्यात्म, सामाजिक मुद्दों, हेल्थ आदि पर भी अपने विचार लेखों के माध्यम से साझा करते रहते हैं।

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