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Grahan and Grah Gochar: 2025 की प्रमुख ज्योतिषीय घटनाएं। 

Last Updated on जनवरी 26, 2025

ब्रह्मांड की ज्योतिषीय घटनाएं जैसे की Grahan and Grah Gochar इत्यादि सृष्टि के आरंभ से ही मानव जीवन को प्रभावित करती आ रही हैं। नौं ग्रहों की स्थिति, युति, दृष्टि और चाल हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सीधा असर डालती हैं। साल 2025 में भी अनेक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाएं हमारे जीवन को प्रभावित करने जा रही हैं, ये घटनाएं हमारे सामाजिक, व्यक्तिगत और व्यावसायिक पहलुओं पर सीधा असर डाल सकती हैं। चलिए जानते हैं, कि इस साल वह कौन-कौन सी घटनाएं हैं, जो हमारे जीवन को प्रभावित करने जा रही हैं और उनका हमारे ऊपर क्या प्रभाव पड़ सकता है। 

2025 में आने वाले ग्रहण

इस साल 4 Grahan हैं, दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण। भारतीय ज्योतिष संस्कृति में ग्रहणों को विशेष स्थान दिया गया है। इन खगोलीय घटनाओं को शुभ और अशुभ के सूचक के रूप में जाना जाता है।  

Surya Grahan

Grahan

  1. पहला सूर्यग्रहण- इस साल का पहला Solar Eclipse 29 मार्च 2025, दिन शनिवार, चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, अमावस्या तिथि, भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2:20 PM से  शुरू होकर 06:15 PM पर समाप्त होने वाला है। यह एक आंशिक Surya Grahan हैं जोकि भारत में कहीं पर भी दिखाई नहीं देगा। यह Eclipse संपूर्ण यूरोप और रशिया के उत्तर पश्चिमी भाग में और उत्तरी अमेरिका और उनके आसपास के देशों में दिखाई देगा।
  2. दूसरा सूर्यग्रहण- साल का दूसरा Surya Grahan 21 सितंबर 2025, दिन रविवार, आश्विन मास, पक्ष कृष्ण, तिथि अमावस्या को रात्रि 11:00 p.m को शुरू होकर 22 सितंबर 3:25 a.m तक रहेगा, जो कि भारत में किसी भी स्थान पर दिखाई नहीं देगा। यह अंटार्कटिका के पश्चिम में और न्यूजीलैंड और उसके आसपास के कुछ स्थानों में दिखाई देगा।

ज्योतिष अनुसार Solar Eclipse हमारे जीवन के अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे की आर्थिक स्थिति, कामकाज, करियर और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। माना जाता है कि इस समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत और अंत सही नहीं रहता है। हमेशा ग्रहण के समय कुछ महत्वपूर्ण कार्य को टालने की सलाह दी जाती है। 

Chandra Grahan

  1. पहला चंद्र ग्रहण- इस वर्ष पहला Chandra Grahan 14 मार्च 2025, दिन शुक्रवार, फागुन के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को 10: 29 a.m में शुरू होकर 2:18 p.m पर समाप्त होगा। यह पूर्ण होगा परंतु भारत में दिखाई नहीं देगा।
  2. दूसरा चन्द्र ग्रहण- इस वर्ष का दूसरा Lunar eclipse 7 सितंबर 2025, दिन रविवार, भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा के दिन रात्रि 9:57 p.m को शुरू होकर 12:23 a.m पर समाप्त होगा। यह भी पूर्ण चंद्रग्रहण होगा जो भारत में दिखाई देगा।

चन्द्र हमारे भावनात्मक संतुलन और रिश्तों को प्रभावित करता है। ज्योतिष अनुसार यह बहुत ही उत्तम समय होता है जब हम अपना आत्म निरीक्षण कर सकते हैं और पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ सकते हैं।

ग्रहण का सूतक काल 

भारतीय ज्योतिष अनुसार सूर्यग्रहण के समय सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले आरंभ हो जाता है और चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है। यहां एक बात ध्यान रखनी चाहिए की जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता वहां eclipse का प्रभाव कभी मान्य नहीं होता है। 

2025 के प्रमुख Grah Gochar और उनके प्रभाव 

इस साल 2025 में ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाएं घटित होंगी। चार ग्रहणों के अलावा कईं प्रमुख ग्रह गोचर देखने को मिलेंगे। ये खगोलीय घटनाएं वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर बहुत प्रभाव डालेंगी। 

सबसे महत्वपूर्ण Grah Gochar 

शनि, बृहस्पति, राहु और केतु सबसे ज्यादा मानवीय जीवन को प्रभावित करने वाले ग्रह माने जाते हैं। जब भी किसी राशि में इनका आगमन होता है तो उस राशि पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है. शनि जिस राशि में गोचर करता है उसको तो प्रभावित करता ही है, उसके साथ साथ अन्य राशियों पर भी गहरा असर डालता है. राहु और केतु भी सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले ग्रह माने जाते हैं। आइये सबसे पहले प्रमुख ग्रह गोचर पर नजर डालते हैं।

शनि ग्रह गोचर मीन राशि में

शनि ग्रह इस वर्ष 29 मार्च को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा। शनि का मीन में गोचर मीन राशि के साथ-साथ कुछ अन्य राशियों के लिए महत्वपूर्ण है। इस राशि पर शनि का प्रभाव उसके ज्ञान आत्मा और आध्यात्मिकता को प्रभावित करेगा। इसके अलावा शनि शनि ग्रह वृश्चिक और कर्क राशिफल अपना सकारात्मक प्रभाव डालेगा जबकि यह मिथुन और कन्या राशि के लिए चुनौती पूर्ण स्थितियां पैदा करेगा।

बृहस्पति ग्रह गोचर

  • 14th मई को बृहस्पति (गुरु) वृष राशि से निकलकर मिथुन राशि में Gochar करेगा। 
  • 18th अक्टूबर को गुरु मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 5th दिसंबर को गुरु का फिर से मिथुन राशि में गोचर करेगा।

बृहस्पति ग्रह Gochar से कुछ राशियों पर पड़ने वाले शनि के दुष्प्रभाव कम होंगे। मकर , कन्या, वृषभ राशियों पर शुभ प्रभाव रहेगा। सिंह और कुंभ राशियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गुरु गोचर के कारण अनेक अशुभ प्राकृतिक स्थितियां बनेंगी जैसे कि असामान्य रूप से मौसमी बदलाव, महासागरों में तूफान, नदियों में बाड़ इत्यादि।  हालांकि, बृहस्पति शनि के नकारात्मक प्रभावों को कुछ हद तक संतुलित करने का प्रयास करेगा। 

राहु और केतु के गोचर

18 मई 2025 को राहु का मीन राशि से निकलकर कुंभ राशि में और केतु का कन्या राशि से निकलकर सिंह राशि में Gochar होगा। परिणाम स्वरूप अनेक राशियों पर राहु और केतु के नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा  खगोल और तकनीकी विज्ञान के क्षेत्रों में शुभ प्रभाव देखने को मिलेंगे। आर्थिक क्षेत्र में अनिश्चितता उत्पन्न हो सकती है। 

अन्य Grah Gochar एक नजर में 

2025 के Mangal Grah Gochar दिल्ली के पंचांग अनुसार 

  • 21st जनवरी को मंगल कर्क राशि को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा।
  • 3rd अप्रैल को कर्क राशि में मंगल ग्रह फिर से प्रवेश करेगा। 
  • 7th जून को सिंह राशि में मंगल ग्रह का Gochar है। 
  • 28th जुलाई को कन्या राशि में भौम ग्रह का Gochar होगा। 
  • 13th सितंबर को तुला राशि में मंगल का गोचर है।
  • 27th अक्टूबर को वृश्चिक राशि में भौम ग्रह का Gochar होगा।
  • 7th दिसंबर को भौम ग्रह धनु राशि में प्रवेश करेगा।

बुध ग्रह गोचर 2025 दिल्ली के पंचांग अनुसार 

  • 4th जनवरी को बुध धनु राशि में प्रवेश करेगा।
  • 24th जनवरी को बुध धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा।
  • 11th फरवरी को बुध मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 27th फरवरी को बुध मीन राशि में Gochar करेगा। 
  • 7th मई को बुध मेष राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 23rd मई को बुध वृष राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 6th जून को बुध मिथुन राशि में गोचर करेगा। 
  • 23rd जून को बुध कर्क राशि में आएगा। 
  • 30th अगस्त को बुध ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेगा।
  • 15th सितंबर को बुध कन्या राशि में गोचर करेगा।
  • 3rd अक्टूबर को बुध का तुला राशि में आगमन होगा। 
  • 23rd अक्टूबर को बुध वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। 
  • 23rd नवंबर को बुध तुला राशि में Gochar करेगा। 
  • 7th दिसंबर को बुद्ध फिर से वृश्चिक राशि में आ जाएगा।
  •  29th दिसंबर को बुध ग्रह धनु राशि में प्रवेश करेगा।

बुध ग्रह का राशियों पर हमेशा शुभ प्रभाव पड़ता है। अन्य ग्रहों की दृष्टि, ग्रहों की युति, और अन्य ज्योतिषीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बुध ग्रह का अपेक्षित परिणाम (फल) का अनुमान लगाया जाता है।    

Shukra Grah Gochar, 2025 दिल्ली के पंचांग अनुसार 

  • 28th जनवरी को शुक्र कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा।
  • 31st मई को शुक्र ग्रह मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 29th जून को शुक्र मेष से निकलकर वृष राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 26th जुलाई को शुक्र वृष राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा।
  • 21st अगस्त को शुक्र मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 15th सितंबर को शुक्र ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेगा।
  • 9th अक्टूबर को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करेगा।
  • 2nd नवंबर को शुक्र ग्रह कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेगा। 
  • 26th नवंबर को शुक्र ग्रह का वृश्चिक राशि में प्रवेश होगा।  
  • 20th दिसंबर को शुक्र ग्रह धनु राशि में प्रवेश करेगा।

शुक्र ग्रह को प्रेम संबंधों का सूचक ग्रह माना गया है। इस लिए इसका प्रभाव मानवीय संबंधों पर ज्यादा पड़ता है। इसके अलावा अन्य ग्रहों की दृष्टि और युति से भी शुक्र से प्राप्त होने वाले फल प्रभावित होते हैं। राशिफल और भविष्यवाणी करते समय इन सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी होता है। 

निष्कर्ष

ज्योतिष अनुसार ग्रहों की स्थिति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस साल घटित होने वाली ये सभी ज्योतिषीय घटनाएं व्यक्तिगत तौर तो प्रभावित करेंगी, इसके साथ-साथ व्यापक रूप से समाज के विभिन्न पहलुओं पर भी नकारात्मक और सकारात्मक दोनों प्रकार से प्रभाव डालेंगी। देश की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक गतिविधियों को भी प्रभावित करेंगी, इस लिए हम सभी को आने वाले सकारात्मक बदलावों को अपनाने और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

स्रोत: Gita Panchang, Drik Panchang Divakar Panchang, Hindi टाइपिंग टूल google input tool Hindi 

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मनोज आचार्य जी एक ज्योतिषी और कन्टेंट राइटर हैं। इन्होंने Master of Art in Jyotish Shastra and Master of Art in Mass communication की डिग्री प्राप्त की है और दोनों क्षेत्रों में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखते हैं। आचार्य जी ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव रखते हैं। हजारों कुंडलियों के विश्लेषणात्मक अध्ययन और अपने समर्पण और कड़ी मेहनत के द्वारा गहन विशेषज्ञता हासिल की है। इसके अलावा आचार्य जी अन्य विषयों जैसे कि पत्रकारिता, ट्रेवल, आयुर्वेद, अध्यात्म, सामाजिक मुद्दों, हेल्थ आदि पर भी अपने विचार लेखों के माध्यम से साझा करते रहते हैं।

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